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श्रीप्रकाश जायसवाल ने राखी सावंत से शादी की

कानपुर : केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीजायसवाल की अभद्र टिप्‍पणी को लेकर पूरा देश नाराज है. कहीं उनके पुतले जलाये जा रहे हैं तो कहीं उनकी शव यात्रा निकाली जा रही है. मगर आज कानपुर में कुछ अलग ढंग का ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिला.





महिलाओं पर की गई अभद्र टिप्‍पणी से नाराज भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यर्ताओं ने आज एक बड़ी होर्डिंग पर श्रीप्रकाश जायसवाल और आइटम गर्ल राखी सावंत को वरमाला डालते हुए दिखाया. इस होर्डिंग पर लिखा था "नई शादी, नया मजा". कार्यकर्ताओं ने इस होर्डिंग के साथ जायसवाल की पूरे शहर में बारात निकाली.



अंत में होर्डिंग पर चिपके श्रीप्रकाश जायसवाल के पोस्‍टर पर कालिख पोती गई और उसे आग के हवाले कर दिया गया.

मालूम हो कि "नई नई जीत और नई नई पत्‍नी का जश्‍न सब मनाते हैं. जैसे जैसे समय बीतेगा, जीत पुरानी होती जाती है; जैसे जैसे समय बीतता है पत्‍नी पुरानी होती जाती है, वो मजा नहीं रहता है."


बवाल मचने और लगातार आलोचना होने के बाद केन्द्रीय कोयला मंत्री को अक्ल आयी और उन्होंने अपने उस बयान के लिए माफी मांग ली. इस मामले में कानपुर में जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के भी आदेश दिये गये.

अभी  महिला आयोग इस विषय में कुछ भी उल्लेखनीय कदम नहीं उठा सका है. केन्द्र से शिकायत कर उसने भी इतिश्री कर ली है. पर ये राखी सावंत और श्री प्रकाश जायसवाल के इस मज़ाकिया/अपमानजनक पोस्टर महिलाओं को सुकून देने वाला है.
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जादूगर हैं नरेंद्र मोदी : सलमान खुर्शीद

उ.प्र.  : गुजरात में विधानसभा चुनाव का ऐलान होने से कांग्रेस अब हमलावर मूड में आ गयी है और एक के बाद एक गुजरात के मुख्यमन्त्री पर प्रहार कर रही है.


सोनिया के अनर्गल प्रलाप के बाद अब सलमान खुर्शीद की बारी है.






गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जादूगर बताते हुए केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने इलाहाबाद में पत्रकारों से कहा कि नरेंद्र मोदी एक जादूगर हैं. लोगों को समझना चाहिए कि जादू केवल देखने में अच्छा लगता है. कोई जादूगर है तो मेरा तो लोगों से यही निवेदन है कि जादू को जादू समझो और सच्चाई को सच्चाई.


इस  प्रकार सांकेतिक रूप से नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के विकास की बात को महज एक छलावा बताते हुए खुर्शीद ने कहा कि अगर अभी तक जादू से आंखों में चकाचौंध थी तो लोग अब आंखें खोलकर सच्चाई को स्वीकार करें. जादू केवल देखने में ही अच्छा लगता है.


उन्होंने आगे कहा कि वैसे भी जादू बच्चों के लिए अच्छा होता है, पर जिसको घर चलाना होता है वो सच्चाई को साथ लेकर चलें तो उनके अच्छा होगा.


उल्लेखनीय है कि गुजरात में विधानसभा चुनाव नवम्बर में होगा. निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है.
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यूपी में शिक्षकों के दो लाख पद खाली हैं

उत्तर प्रदेश : भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के लगभग सात हजार प्राथमिक विद्यालयों में ताला लगा हुआ है जबकि 15 हजार से अधिक विद्यालय ऐसे हैं जहां एक ही शिक्षक है.





ऐसा नहीं है कि यह स्थिति दो-चार महीने से ही हो बल्कि पूरे चार वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है. राज्य के दो लाख से अधिक पद खाली हैं.  देश के बाकी हिस्से में दो से तीन बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन हो चुका, कई प्रदेशों में इसके आधार पर नियुक्तियां भी हो गईं लेकिन उत्तर प्रदेश में अब तक कुछ साफ नहीं है.


केवल प्राथमिक ही नहीं, माध्यमिक स्कूलों में भी चयन का हाल बेहद खराब है. अनेक विद्यालयों में साइंस, मैथ्स, अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में भर्ती का आदेश दिया है तो अभिभावकों को उम्मीद जगी है कि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकती है.


 हालांकि प्रदेश में जो हालात हैं, सरकार यदि तत्काल पदों की घोषणा कर दे तो भी छह महीने में चयन पूरा हो पाना मुश्किल लगता है. माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं. शिक्षकों की भर्ती के लिए पहले इन पदों पर तैनाती करनी होगी. उसके बाद विद्यालयों से रिक्तियां मांगी जाएंगी, उनके अनुरूप विज्ञापन होगा, परीक्षा होगी, साक्षात्कार होगा तब जाकर चयन संभव है, जो छह माह में पूरा होना असंभव है.


 टीईटी का आवेदन इसी माह प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के चयन को लेकर सरकार पूरी तैयारी के दावे कर रही है. तैयारी है कि आठ अक्तूबर को विज्ञापन जारी किया जाएगा लेकिन इसे लेकर इतने विवाद हैं कि जब तक चयन हो न जाए, कुछ कहना मुश्किल है.

स्थिति यह है कि अकेले इलाहाबाद में ही 335 विद्यालयों में ताले लगे हैं जबकि 1074 विद्यालय एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं. सरकार ने भर्ती की जो प्रक्रिया अपनाई है, उसमें छह माह की तो केवल ट्रेनिंग दी जानी है. ऐसे में छह माह की अवधि में चयन कैसे संभव है.


स्पष्ट है सरकार को अपनी शिक्षा नीति में बदलाव लाना ही होगा.यह देखना ही होगा कि छात्रों काजो कि देश का भविष्य कहे जाते हैं उनका ही भविष्य खतरे में है.
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16 अक्टूबर से लगेगा तीज-त्योहारों का मेला

लखनऊ. शारदीय नवरात्र के साथ ही शहर में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो जाएगी. इसी के साथ नवंबर के अंत तक शहर तीज-त्योहार की चमक-दमक से गुलजार रहेगा. त्योहारी सीजन की आहट से कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं. दुकानदार अभी से त्योहारी सीजन की तैयारी में जुट गए हैं. बाजारों में हलचल दिखाई देने लगी है.




18-19 अक्तूबर से शहर में लगभग 80 दुर्गा पूजा कमेटियों के दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापना के साथ मां दुर्गा का आह्वान-पूजन शुरू हो जाएगा. 24 अक्तूबर को विजयादशमी पर राजधानी की सड़कों पर त्योहार की रौनक का लुत्फ उठाने वालों का रेला उमड़ेगा.


इसके  बाद धनतेरस, दीपावली, करवाचौथ, छठ और शादी-विवाह की लगनें प्रारम्भ हो जाएँगी.
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गुटखा प्रतिबन्धित अगले साल से

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सरकार ने गुटखे पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय अगले साल तक टाल दिया है. गुटखा लाबी के भारी दबाव के चलते यह प्रतिबंध अब एक अप्रैल, 2013 से लागू होगा.





 सरकार को भी यह प्रतिबंध हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लगाना पड़ा. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को सरकार को गुटखे पर प्रतिबंध लगाने के लिए चौदह दिन का समय दिया था. वह समय सीमा बुधवार को पूरी हो गई थी. वहीं केंद्र सरकार का भी लगातार दबाव सरकार पर बना हुआ था.





उ.प्र. सरकार ने हाईकोर्ट से गुटखे पर प्रतिबंध लगाने के लिए छह माह का समय मांगा है.


सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि यह समय गुटखा उद्योग से जुड़े हुए लाखों कर्मचारियों, मजदूरों और उद्यमियों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखते हुए मांगा गया है. इस छह महीने में वह कुछ और काम-धंधा तलाश सकेंगे.


ध्यातव्य है कि गुटखे पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बंधन) विनियम 2011 पारित किया गया था. प्रदेश सरकार ने इसी कानून को आधार बनाकर गुटखे पर रोक लगाने को मंजूरी दी है. गुटखे पर रोक लगने के बाद सरकार को राजस्व में लगभग 250 करोड़ का नुकसान होगा.


अभी  यह राजस्व हानि कैसे झेलेगी जबकि उत्तर प्रदेश की सरकार को अपने किये कई वादे पूरे करने के लिए पहले से ही धन की बड़ी आवश्यकता है.
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