Khurshid is new foreign minister, Moily gets oil, Bansal gets railways

Salman Khurshid was India's new external affairs minister as Prime Minister Manmohan Singh on Sunday effected a major revamp of his council of ministers, inducting 22 faces, including seven of cabinet rank, in what is said to be the last major ministerial shuffle before the 2014 general elections.
Congress general secretary Rahul Gandhi did not join the government - leaving the field open for him to play a larger role in the party.


Several portfolios were changed, some new faces introduced, some elevated to cabinet rank and at least one old hand - Shashi Tharoor - was back in what is possibly UPA II's last facelift - an exercise that jettisoned tainted ministers like Subodh Kant Sahay and roped veterans like Ambika Soni and SM Krishna back into the party organisation to gear up for the 2014 electoral battle.
"It is a combination of youth and experience," Manmohan Singh told reporters after the swearing ceremony at the Rashtrapati Bhavan where President Pranab Mukherjee administered the oath of office.

Click here for full list: new ministers and portfolios
 
"The road ahead is full of challenges," he said on his priorities in the next few months.
Of the seven new ministers sworn in with cabinet rank, two are debutants -- former deputy chairperson of the Rajya Sabha K Rehman Khan and Congress MP Chandresh Kumari Katoch. The other five, Ajay Maken, MM Pallam Raju, Dinsha Patel, Harish Rawat and Ashwini Kumar, have been elevated to the cabinet from ministers of state rank.
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स्विस मसौदे पर कोर्ट ने फिर जताया सरकार से एतराज


इस्लामाबाद. पकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को खोलने के लिए स्विस सरकार को पत्र लिखने का मामला फिर उलझ गया है.
पत्र के मसौदे को लेकर सरकार और देश के सर्वोच्च न्यायालाय का मतभेद शुक्रवार को भी देखने को मिला. पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने स्विस सरकार को भेजे जाने वाले पत्र के ताजा मसौदे पर भी एतराज जताया है.
 
 साथ ही इसे 10 अक्टूबर तक अंतिम रूप देने का निर्देश पाकिस्तान की सरकार को दिया है. शुक्रवार को कानून मंत्री फारूक नाईक ने न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ के सामने पत्र का संशोधित मसौदा पेश किया.
न्यायाधीशों ने पत्र के कुछ अंशों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह 2009 के उस आदेश से मेल नहीं खाता है जिसमें जरदारी के खिलाफ मामलों की समीक्षा की अपील की गई थी.
 
अदालती कार्यवाही के दौरान न्यायाधीश विचार-विमर्श करने के लिए दो बार अपने चेंबर में भी गए. सलाह-मशविरे के लिए नाईक और एक सरकारी वकील को भी चेंबर में बुलाया गया.
इसके बाद न्यायाधीश जब अदालत कक्ष में लौटे तो कानून मंत्री ने पत्र के मसौदे को अंतिम रूप देने और प्रधानमंत्री के साथ विचार-विमर्श के लिए समय मांगा. देश की शीर्ष अदालत ने संक्षिप्त आदेश में पत्र के मसौदे में सुधार के लिए 10 अक्टूबर तक का वक्त देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी.
गौरतलब है कि पत्र लिखने से इनकार करने के बाद अदालती अवमानना के आरोपी बनाए गए प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश होकर कहा था कि उनकी सरकार स्विट्जरलैंड को पत्र भेजेगी.
ऐसा  लगता नहीं है कि पाकिस्तान सरकार की मंशा अपने भ्रष्ट राष्ट्रपति के विरुद्ध स्विस पत्र लिखने में कोई दिलचस्पी है. वह पूरी कोशिश कर रही है कि येन-केन प्रकारेण अपने भ्रष्टतम राष्ट्र-प्रमुख को बचा लिया जाय.
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चीन की सीमा पर और लड़ाकू विमानों की होगी तैनाती

चीन के खिलाफ वर्ष 1962 की जंग में मिली शिकस्त से सबक लेते हुए भारत ने अपनी पूर्वोत्तर सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाना शुरू कर दिया है. वायु सेना प्रमुख एनएके ब्राउन ने जोर देकर कहा, ‘यदि 1962 के युद्ध में वायुसेना ने आक्रामक भूमिका निभाई होती तो इसका परिणाम कुछ दूसरा ही देखने को मिलता. भविष्य में वायु सेना अग्रणी भूमिका में होगी.’ 





उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में भारत-चीन युद्ध को 50 वर्ष पूरे हुए हो चुके हैं। 1962 के युद्ध के दौरान आईएएफ के विमानों को मुख्यत: परिवहन के तौर पर ही इस्तेमाल किया गया था. एयर चीफ मार्शल ब्राउन ने कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि भविष्य में ऐसी कोई सीमित भूमिका नहीं होगी. वायु सेना आगे से हर क्षेत्र में हर काम के लिए अग्रणी भूमिका में होगी.’ 


उन्होंने कहा कि कि भविष्य के लिहाज से वायुसेना अब पूर्वोत्तर में पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में है. पूर्वी क्षेत्र में दो और सुखोई स्क्वाड्रनों को तैनात करने की
तैयारी है.


गौरतलब है कि इस समय दो सुखोई स्क्वाड्रन तेजपुर और चबाबुआ ((दोनों असम)) में तैनात हैं.
वायु सेना प्रमुख ने बताया, ‘हम सुखोई के चार और स्क्वाड्रनों की तैनाती करने जा रहे हैं, इनमें से दो स्क्वाड्रन पूर्वी क्षेत्र में तैनात किए जाएंगे.





इस तैनाती से ज्यादा कुछ नहीं तो चीन के आक्रामक वक्तव्यों पर इससे एक हलके से प्रतिरोध की आशा तो की ही जा सकती है.
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पाकिस्तान में ड्रोन हमले के खिलाफ इमरान खान का प्रदर्शन

इस्लामाबाद : क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के सैकड़ों समर्थकों ने शनिवार को मोटरों के काफिले के साथ अमेरिकी ड्रोन हमलों के विरोध में आतंकवादी बहुल क्षेत्र दक्षिण वजीरिस्तान तक शांति यात्रा निकाली.






लगभग 130 वाहनों के काफिले वाली इस शांति यात्रा में खान समेत तहरीक-ए-इंसाफ दल के प्रमुख नेता, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी शामिल थे. ये लोग सरकार की ओर से जारी आत्मघाती हमलों की चेतावनियों के बावजूद इस रैली में शामिल हुए.

संवाददाताओं से बात करते हुए इमरान खान ने दावा किया कि तालिबान की ओर से हमारी इस शान्ति यात्रा को कोई खतरा नहीं है, सिर्फ सरकार ही इसे रोकने की कोशिश कर रही है. खान ने कहा, वजीरिस्तान के कबीलाई लोगों को इस रैली के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. इस यात्रा का समापन दक्षिण वजीरिस्तान के कोटकाई गांव में रविवार को होने की संभावना है.
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मेरे राज में बेरोज़गारी न्यूनतम स्तर पर है : ओबामा

वाशिंगटन : अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले ओबामा ने कहा कि देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है. राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि उनके कार्यभार संभालने के बाद से देश में बेरोजगारी दर अभी सबसे न्यूनतम स्तर पर है. यह अमेरिकी युवाओं के लिए बड़े संतोष की बात है.






 ओबामा की टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब नवीनतम आकड़ों के अनुसार सितंबर के दौरान अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 फीसद रह गई है. यह 2009 के बाद सबसे कम है. चुनाव के सिलसिले में ओहियो में आयोजित एक बैठक में ओबामा ने कहा कि आज मेरा मानना है कि एक देश के तौर पर हम आगे बढ़ रहे हैं.



अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की पहली बहस में बढ़ती बेरोजगारी दर को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए राष्ट्रपति बराक ओबामा को श्रम साख्यिकी ब्यूरो की नवीनतम रिपोर्ट से काफी राहत मिली है. इस प्रकार से ओबामा अपने प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी से आगे जाने की कोशिश कर रहे हैं.
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अबु हम्जा का यूएस प्रत्यर्पण तय, अमेरिका ने किया स्वागत

लंदन/वाशिंगटन : अमेरिकी के अधिकारियों ने आज संतोष जताया है कि आखिरकार उन्हें कट्टरपंथी इस्लामी अबु हम्जा और उसके चार संदिग्ध आतंकवादी साथियों खालीद अल-फवाज, सैयद तहला अहसान, आदिल अब्दुल बारी और बाबर अहमद  पर मुकदमा चलाने का मौका मिलेगा.






 हम्जा ने लंदन हाईकोर्ट से अपील की थी कि उसे स्वास्थ्य जांच के लिए ब्रिटेन में रहने दिया जाए. ब्रिटेन में गिरफ्तार किए गए हम्जा और उसके साथी आतंकवादी गतिविधियों के आरोप में अमेरिका में वांछित थे.
अमेरिका के न्याय विभाग के प्रवक्ता डीन बॉयड ने कहा, ‘हमें प्रसन्नता है कि इन मामलों में प्रत्यर्पण प्रक्रियाओं का अंत हो गया है.’ उन्होंने कहा, ‘हम इन लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए उन्हें अमेरिका लाने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.’



आज ब्रिटेन की एक अदालत के फैसले के साथ ही कट्टरपंथी इस्लामी धर्मगुरु अबु हम्जा और चार अन्य संदिग्ध आतंकवादियों का अमेरिका प्रत्यर्पण तय हो गया था. ब्रिटेन की एक अदालत के फैसले ने प्रत्यर्पण रोकने की उनकी अंतिम कोशिश पर भी आज पानी फेर दिया. अब इन पांचों को ब्रिटेन से अमेरिका के एडीएक्स फ्लोरेंस के ‘सुपरमैक्स’ जेल में ले जाया जाएगा.
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केजरीवाल ने मजदूर बानाराम के घर बिजली जोड़ दिल्ली सरकार को चुनौती दी

नई दिल्ली. इंडिया अगेंस्ट करपशन के अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने आज शीला सरकार पर हल्ला बोला है.


 केजरीवाल ने दिल्ली के खानपुर इलाके में एक मजदूर के घर का कटा हुआ बिजली कनेक्शन फिर से जोड दिया है. इसी के साथ ही केजरीवाल ने चार नवंबर को मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का घेराव करने का ऎलान किया है.


बिजली कंपनी ने तिगड़ी खानपुर कॉलोनी में रहने वाले मजदूर बाना राम को 15 हजार का बिल भेजा था. पांच-सात हजार रूपये महीना कमाने वाला मजदूर, बिल जमा नहीं कर सका जिस पर बिजली कंपनी ने मजदूर के घर की बिजली काट दी थी.


बिजली कंपनियों और शीला सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए केजरीवाल ने इस मजदूर के घर का बिजली कनेक्शन जोड़ा है.




अरविंद केजरीवाल ने सभी दिल्लीवासियों से बिजली के बिल ना जमा करने की अपील की है. केजरीवाल ने ऎलान किया कि दिल्ली में जहां भी इस तरह बिजली कंपनियां कनेक्शन काटेंगी वह अपना विरोध जताएंगे, बिजली कनेक्शन जोड़ेंगे.



उन्होंने लोगों से कहा था कि वे बिजली का बिल देना बंद करे और बिजली का कनेक्शन काटने आने वाले अधिकारियों का संगठित मगर शांतिपूर्ण विरोध करें.


 केजरीवाल यह भी कह चुके हैं कि अगर बिजली का बिल न भरने की वजह से लोगों की बिजली काटी जाती है तो जनता मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर की बिजली काट देगी


केजरीवाल ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग यानी डीईआरसी के पूर्व चेयरमैन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि निजी बिजली कंपनियां पहले से मुनाफे में हैं और इसके बावजूद सरकार उन्हें लाभ पहुंचाने में लगी है.
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राहुल गाँधी के कश्मीर दौरे के निहितार्थ

जैसा कि हम सभी हमेशा से यह जानते हैं कि राहुल गांधी को 2014 में बतौर पीएम प्रत्याशी प्रोजेक्‍ट करने की प्‍लानिंग कांग्रेस बना चुकी है. अब वे प्रधानमन्त्री बन पाते हैं या नहीं यह तो समय ही बताएगा परन्तु वह पूरी तरह से इस कार्य में लगे हुए हैं.

आजकल वह कश्मीर का दौरा कर रहे हैं. कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है और मुसलमान कांग्रेस का वोटबैंक भी है. अतः वह इनको लुभाने के लिए पहुंचे हुए हैं.






यहाँ आने के उनके दो मुख्य उद्देश्य हैं :-

1. राष्‍ट्रीय छवि बनाना

प्रतीक्षित  पीएम  राहुल गाँधी के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि कश्‍मीर से लेकर कन्‍या कुमारी तक लोग उन्‍हें जाने. खास तौर से देश का युवा मतदाता वर्ग. राहुल इसमें सफल होते हैं, तो 2014 के लिये राहुल के वोट पक्‍के हो सकते हैं.



2. बड़ी योजनाओं का उल्लेख कर यूपीए का प्रचार करना

ज़ोजिला पास पर छह महीने तक बर्फ जमे रहने के कारण लद्दाख देश से कटा-कटा रहता है. लिहाजा यहां पर एक टनल बनाने का काम शुरू किया जा रहा है. गुरुवार को इसकी नींव डाली गई. इस प्रोजेक्‍ट की कीमत 2,680 करोड़ रुपए है. राज्‍य के लोग यह न सोचें कि यह टनल उमर सरकार ने बनाकर दी है, इसीलिये राहुल केंद्र को क्रेडिट दिलवाने यहां पहुंचे हैं. इस मौके पर उन्‍होंने सोनमर्ग को जोड़ने के लिये एक नई टनल का भी ऐलान कर दिया है.


3. केंद्र को श्रेय दिलवाना

साथ ही 2010 के बादल फटने की घटना को याद दिलाते हुए लोगों को यह अहसास करा दिया कि केंद्र ने लेह को बर्बादी से उबारने के लिये ढेर सारा पैसा रिलीज़ किया था. उन्‍होंने यह अहसास कुछ इस तरह दिलाया, "2010 में जब मैं यहां आया था तो बादल फटने के कारण चारों तरफ मातम छाया हुआ था. आज मैं खुश हों यहां त्‍योहार जैसे माहौल को दूख कर. केंद्र ने लेह को फिर से विकसित करने के लिये अच्‍छी मात्रा में पैसा दिया था. हम खुश हैं आपके चेहरे पर मुस्‍कुराहट देखकर."

इस  प्रकार राहुल एकाग्र भाव से लोगों को यह बताने में लगे हुए हैं कि मैं ही इस देश का अगला प्रधानमन्त्री हूँ.
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श्रीप्रकाश जायसवाल ने राखी सावंत से शादी की

कानपुर : केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीजायसवाल की अभद्र टिप्‍पणी को लेकर पूरा देश नाराज है. कहीं उनके पुतले जलाये जा रहे हैं तो कहीं उनकी शव यात्रा निकाली जा रही है. मगर आज कानपुर में कुछ अलग ढंग का ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिला.





महिलाओं पर की गई अभद्र टिप्‍पणी से नाराज भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यर्ताओं ने आज एक बड़ी होर्डिंग पर श्रीप्रकाश जायसवाल और आइटम गर्ल राखी सावंत को वरमाला डालते हुए दिखाया. इस होर्डिंग पर लिखा था "नई शादी, नया मजा". कार्यकर्ताओं ने इस होर्डिंग के साथ जायसवाल की पूरे शहर में बारात निकाली.



अंत में होर्डिंग पर चिपके श्रीप्रकाश जायसवाल के पोस्‍टर पर कालिख पोती गई और उसे आग के हवाले कर दिया गया.

मालूम हो कि "नई नई जीत और नई नई पत्‍नी का जश्‍न सब मनाते हैं. जैसे जैसे समय बीतेगा, जीत पुरानी होती जाती है; जैसे जैसे समय बीतता है पत्‍नी पुरानी होती जाती है, वो मजा नहीं रहता है."


बवाल मचने और लगातार आलोचना होने के बाद केन्द्रीय कोयला मंत्री को अक्ल आयी और उन्होंने अपने उस बयान के लिए माफी मांग ली. इस मामले में कानपुर में जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के भी आदेश दिये गये.

अभी  महिला आयोग इस विषय में कुछ भी उल्लेखनीय कदम नहीं उठा सका है. केन्द्र से शिकायत कर उसने भी इतिश्री कर ली है. पर ये राखी सावंत और श्री प्रकाश जायसवाल के इस मज़ाकिया/अपमानजनक पोस्टर महिलाओं को सुकून देने वाला है.
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राहुल गाँधी का अपमान किया कश्मीर के पंचायत सदस्यों ने

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर पहुंचे राहुल गांधी को शुक्रवार को बहुत बार की तरह इस बार भी शर्मिंदगी लज्जित होना पड़ा, क्योंकि कई पंचायत नेता उनकी मीटिंग के बीच से ही उठकर चले गए. इन नेताओं ने कहा कि राहुल की मीटिंग में उनके हितों के लिए कोई बात नहीं हुई और वे उनसे खफा हैं.









ऐसा पहले भी कई बार उनकी मीटिंगों में हो चुका है. बाद में मीडियाकर्मियों ने जब राहुल से इस बारे में पूछा तो वह सवालों को टाल गए।. उन्होंने दुहराया कि वह रिश्तों को मजबूत करने के लिए यहां आए हैं. राहुल ने कहा, आशा है कि हम कोई दूसरा रास्ता निकाल लेंगे. पंचायतों को वे सभी अधिकार नहीं मिल रहे हैं जो उन्हें दिए गए हैं. इसके अलावा राहुल ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ लंबे वक्त के रिश्ते बनाने और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने का भी वादा किया.




उल्लेखनीय है कि पंचायत सदस्यों की सुरक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच टकराव की खबरें थीं. राज्य में आतंकवादियों के हाथों कुछ पंचों और सरपंचों की हत्या के बाद राहुल ने इस बारे में राज्य सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने दिल्ली में एक मीटिंग के दौरान कहा था कि उमर अब्दुल्ला सरकार को चाहिए कि वह पंचायत सदस्यों को और ज्यादा सुरक्षा मुहैया कराए. इन हमलों के बाद कई पंचायत सदस्यों ने इस्तीफा भी दे दिया था. 



क्यों  ऐसा देखने को मिलता है कि राहुल गाँधी जब भी, जहां भी बोलने जाते हैं वहाँ बहुत भीड़ जुटती है परन्तु जब वह मुंह खोलते हैं जनता उनकी अहितकर बातें सुनकर नाराज़ होकर चल देती है या कुर्सी खींच कर मारने लग जाती है ताकि खुद राहुल ही चल दें. इस पर कांग्रेसियों को सोचने की आवश्यकता है.
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वर्डप्रेस पर चिट्ठा कैसे बनाएँ ?


आपको मेरे पिछले लेख से ब्लॉगस्पॉट (ब्लॉगर) पर ब्लॉग बनाना तो आ ही गया होगा.

अब यदि आप वर्डप्रेस पर भी ब्लॉग बनाना चाहते हैं तो यह भी बहुत ही आसान है, इसे भी पहले की ही तरह एक खूबसूरत से वीडियो से समझ सकते हैं.


बस आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके उस वीडियो को देख सकते हैं.
वर्डप्रेस पर चिट्ठा कैसे बनाएँ

ब्लॉग लिखना एकदम खेल ही तो है जानें कैसे -:-

1.ब्लॉगिंग कैसे करें ?

एक और महत्वपूर्ण लेख पढ़ें -:-

ब्लॉगस्पॉट पर चिट्ठा कैसे बनाएँ.
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ब्लॉगस्पॉट या ब्लॉगर पर चिट्ठा किस प्रकार से बनाएँ ?



ब्लॉगर हिन्दी में ब्लॉग बनाने के लिए सबसे प्रसिद्ध जगह है.

मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि

1. ब्लॉगर पर हम सरलतापूर्वक ब्लॉग लिख सकते हैं.

2. हम सरलता से टेम्प्लेट बदल सकते हैं.

3. अन्य जावा स्क्रिप्ट हम आसानी से जोड़ सकते हैं. और

4. सबसे बड़ा कारण यह है कि यहाँ पर हम हिन्दी में बहुतायत से प्रयोग करते हैं.

5. हिंदी के अधिकतर ब्लॉग ब्लॉगस्पॉट पर होने के कारण हम यहाँ पाठकों, टिप्पणीकारों और दूसरे चिट्ठाकारों से सरलता से जुड़ पाते हैं.

6. वर्डप्रेस की तुलना में ब्लॉगस्पॉट के अधिक टेम्पलेट इन्टरनेट पर मौजूद हैं और वे मुफ्त में आप डाउनलोड भी कर सकते हैं.

टेम्पलेट में बदलाव कर ब्लॉग को अपने हिसाब से चलाना भी एक कला है, और यह खुराफातें सभी को आकर्षित करती हैं. वर्डप्रेस में आप ये सब नहीं कर सकते हैं.

अतः मेरी सलाह यही है कि आप शुरूआत ब्लॉगर से ही करें और एक और पते की बात ब्लॉगर और ब्लागस्पाट एक ही वेबसाईट के दो नाम हैं.

नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके एक बहुत ही खूबसूरत सा वीडियो देखें और जानें कि कितनी सरलतापूर्वक आप ब्लॉगर पर ब्लॉग बना सकते हैं.
1. ब्लॉगस्पॉट पर चिट्ठा कैसे बनाएँ


ब्लॉग लिखना एकदम खेल ही तो है जानें कैसे -:-

1.ब्लॉगिंग कैसे करें ?


एक और महत्वपूर्ण लेख पढ़ें -:-
वर्डप्रेस पर चिट्ठा कैसे बनाएँ.
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अब ब्लॉगिंग करना बिल्कुल आसान, जानें कैसे


पहले ब्लॉग लिखने के लिए हिन्दी नहीं होती थी, फ़िर हिन्दी फॉण्ट और अन्य सोफ्टवेयर का विकास हुआ, पर अब तो बस टाइप किया और हिन्दी छपती गई.

पहले की तुलना में अब ब्लॉगिंग बेहद सरल हो गई है.

E-mail तो आप सभी लिखते ही हैं,

ठीक वैसा ही ब्लॉगिंग के मामले में है, E-mail लिखकर बटन दबाते ही वह चला (send) हो जाता है,

ब्लॉग भी लिख कर प्रकाशित (publish) का बटन दबाते ही प्रकाशित (publish) हो जाता है.

यह लेख लिखे जाने तक, हिन्दी में ब्लॉग लिखने के लिए, दो मुख्य वेबसाइट्स हैं जो आपको मुफ्त सेवा प्रदान करती हैं,

साथ ही यह बहुत ही चर्चित भी हैं.

एक है ब्लॉगर.कॉम जो सर्वाधिक प्रसिद्ध है.

और दूसरी साईट वर्ड-प्रेस.कॉम है.

जैसे आपG-mail या yahoo-mail Sign-up करते हैं,

ठीक वैसे ही आप को इन दोनों में से अपनी पसंद की साईट को Sign-up करना होता है,

यहाँ भी आप का एक user-name और एक paasword होता है.

ब्लॉगर.कॉम पर ब्लॉग बनाने के लिए आपका G-mail का खाता होना ही चाहिए.

दो अन्य महत्वपूर्ण लेख जो आपको ब्लॉग बनाने में बहुत सहायता करेंगे.
1. ब्लॉगस्पॉट पर चिट्ठा कैसे बनाएँ

2. वर्डप्रेस पर चिट्ठा कैसे बनाएँ
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मेरी बीवी से दूर रहो !!



सैफ अली खान को एक मैसेज आया, पढ़ कर वाSSSS................ओ, वाSSSS.............ओ करने लगा.

पास ही खड़े शाहरुख़ खान ने पूछा : क्या हुआ, जो ऐसी गन्दी-गन्दी आवाजें क्यों निकाल रहा है !!

सैफ : मुझे एक मैसेज मिला है , " मेरी बीवी से दूर रहो, इसी में तुम्हारी भलाई है."

शाहरुख : तो तुमने क्या सोचा ?

सैफ : अरे कौन-सी वाली का पति है, यह तो उसने बताया ही नहीं !!
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जादूगर हैं नरेंद्र मोदी : सलमान खुर्शीद

उ.प्र.  : गुजरात में विधानसभा चुनाव का ऐलान होने से कांग्रेस अब हमलावर मूड में आ गयी है और एक के बाद एक गुजरात के मुख्यमन्त्री पर प्रहार कर रही है.


सोनिया के अनर्गल प्रलाप के बाद अब सलमान खुर्शीद की बारी है.






गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जादूगर बताते हुए केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने इलाहाबाद में पत्रकारों से कहा कि नरेंद्र मोदी एक जादूगर हैं. लोगों को समझना चाहिए कि जादू केवल देखने में अच्छा लगता है. कोई जादूगर है तो मेरा तो लोगों से यही निवेदन है कि जादू को जादू समझो और सच्चाई को सच्चाई.


इस  प्रकार सांकेतिक रूप से नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के विकास की बात को महज एक छलावा बताते हुए खुर्शीद ने कहा कि अगर अभी तक जादू से आंखों में चकाचौंध थी तो लोग अब आंखें खोलकर सच्चाई को स्वीकार करें. जादू केवल देखने में ही अच्छा लगता है.


उन्होंने आगे कहा कि वैसे भी जादू बच्चों के लिए अच्छा होता है, पर जिसको घर चलाना होता है वो सच्चाई को साथ लेकर चलें तो उनके अच्छा होगा.


उल्लेखनीय है कि गुजरात में विधानसभा चुनाव नवम्बर में होगा. निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है.
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बादल : बराड़ प्रकरण आतंकवाद से प्रेरित नहीं

पंजाब : पंजाब के मुख्यमन्त्री प्रकाश सिंह बादल ने बुधवार को बसी पठाना में कहा कि लंदन में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेन्ट जनरल  केएस बराड़ पर हमले संबंधी एक घटना को आतंकवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिये.





पंजाब कांग्रेस  के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह के आरोप पर उनका कहना था कि वह तो व्यर्थ ही बोलते रहते हैं. उनकी बातों को गम्भीरता से नहीं लिया जा सकता है.


ध्यातव्य है कि कैप्टन अमरिंदर ने आरोप लगाया था कि उनकी [मुख्यमन्त्री बादल की] वजह से यह हमला हुआ है.
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आरएसएस : भाजपा हमारे लिए खास नहीं

झारखण्ड : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने यहां आम लोगों से संवाद के एक कार्यक्रम में एकदम स्पष्ट रूप से कहा कि यह एक आम धारणा है कि भाजपा संघ का अपना राजनीतिक दल है लेकिन यह सच नहीं है. मैं आपको बता दूं कि संघ का राजनीति से कोई सम्बन्ध नहीं है.





भागवत ने कहा कि संघ के लिए सभी राजनीतिक दल अपने हैं और सभी दलों में संघ के स्वयं सेवक हैं. यहां तक कि कांग्रेस और साम्यवादी दलों में भी संघ के स्वयं सेवक काम कर रहे हैं. इसका यह अर्थ तो नहीं है कि वह दल संघ के हैं अथवा संघ उनसे संबद्ध है.


 भागवत ने कहा कि भाजपा में संघ के सर्वाधिक स्वयं सेवक हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं लाया जाना चाहिए कि भाजपा संघ की राजनीतिक पार्टी है क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल संघ का नहीं है.


  उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ देश हित को सर्वोपरि मानता है और देश की उन्नति के लिए वह पूरी तरह समर्पित है. उन्होंने कहा कि जो लोग इस उद्देश्य से देश में काम कर रहे हैं, संघ उनके साथ खड़ा है और उनकी हरसंभव सहायता करेगा. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों का स्वाभाविक काम ही समाज को तोड़ना है क्योंकि राजनीतिक समाज को तोड़कर ही की जाती है. इसीलिए संघ किसी भी पार्टी या राजनीति से अपने को दूर रखता है.


आप  को क्या लगता है क्या यही संघ का सच है ? क्या संघ सभी दलों को समर्थन करता है ? क्या आप संघ को समझ सके हैं ? क्या संघ से आपका कोई लगाव/जुड़ाव है ? कृपया टिप्पणी देकर बताइये.
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सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को तैयार ममता

कोलकता. तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व पश्चिमी बंगाल की मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी ने बीमा और पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाए जाने को अनैतिक फैसला करार दिया है. उन्होंने मनमोहन सरकार को सत्ता से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने पर जोर दिया है.





 कुछ दिन पूर्व तक संप्रग की सहयोगी रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को केंद्र की संप्रग सरकार पर देश को लूटने और झूठ बोलने का आरोप लगाया.


 ममता बनर्जी ने फेसबुक पर लिखा कि देश को बचाने के लिए सरकार का जाना जरूरी है. क्या आम आदमी सुधारों से यही उम्मीद करता है सुधार के नाम पर लूट चल रही है. इसे दबाने के लिए झूठ चल रहा है झूठ.


 ममता दीदी ने कहा कि यह काफी संवेदनशील विषय है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अल्पमत सरकार इस तरह अनैतिक भूमिका नहीं निभा सकता. आइए हम सभी राजनीतिक दल विश्वास प्रस्ताव लाएं. हमने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलने का निर्णय किया है. उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया जाना और पेंशन क्षेत्र में 26 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दिए जाने लोगों की जीवनभर की बचत असुरक्षित हो जाएगी.


उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने स्कूल के गरीब बच्चों के भविष्य के बारे में कभी नहीं सोचा. वे केरोसीन, डीजल और एलपीजी की कीमतें अपनी इच्छानुसार बढ़ा रहे हैं और स्कूली बच्चों के मिड डे मील को बचाने की चिंता उन्हें नहीं है. लोगों के हित के लिए लड़ने की प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बेशर्मी से गरीबों पर प्रहार कर रही है जिसे मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी. अन्याय एवं अत्याचार के खिलाफ लड़ाई में मैं कोई कोर कसर नहीं छोड़ूंगी. पूरी जिंदगी मैं केंद्र की इस भ्रष्ट सरकार के विरुद्ध लड़ती रहूंगी. केंद्र की लोक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन तेज करने का आह्वान करते हुए तृणमूल काग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने उर्वरक की कीमतों में बढ़ोतरी की जिससे किसानों को नुकसान हुआ है.
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यूपी में शिक्षकों के दो लाख पद खाली हैं

उत्तर प्रदेश : भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के लगभग सात हजार प्राथमिक विद्यालयों में ताला लगा हुआ है जबकि 15 हजार से अधिक विद्यालय ऐसे हैं जहां एक ही शिक्षक है.





ऐसा नहीं है कि यह स्थिति दो-चार महीने से ही हो बल्कि पूरे चार वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है. राज्य के दो लाख से अधिक पद खाली हैं.  देश के बाकी हिस्से में दो से तीन बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन हो चुका, कई प्रदेशों में इसके आधार पर नियुक्तियां भी हो गईं लेकिन उत्तर प्रदेश में अब तक कुछ साफ नहीं है.


केवल प्राथमिक ही नहीं, माध्यमिक स्कूलों में भी चयन का हाल बेहद खराब है. अनेक विद्यालयों में साइंस, मैथ्स, अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में भर्ती का आदेश दिया है तो अभिभावकों को उम्मीद जगी है कि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकती है.


 हालांकि प्रदेश में जो हालात हैं, सरकार यदि तत्काल पदों की घोषणा कर दे तो भी छह महीने में चयन पूरा हो पाना मुश्किल लगता है. माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं. शिक्षकों की भर्ती के लिए पहले इन पदों पर तैनाती करनी होगी. उसके बाद विद्यालयों से रिक्तियां मांगी जाएंगी, उनके अनुरूप विज्ञापन होगा, परीक्षा होगी, साक्षात्कार होगा तब जाकर चयन संभव है, जो छह माह में पूरा होना असंभव है.


 टीईटी का आवेदन इसी माह प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के चयन को लेकर सरकार पूरी तैयारी के दावे कर रही है. तैयारी है कि आठ अक्तूबर को विज्ञापन जारी किया जाएगा लेकिन इसे लेकर इतने विवाद हैं कि जब तक चयन हो न जाए, कुछ कहना मुश्किल है.

स्थिति यह है कि अकेले इलाहाबाद में ही 335 विद्यालयों में ताले लगे हैं जबकि 1074 विद्यालय एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं. सरकार ने भर्ती की जो प्रक्रिया अपनाई है, उसमें छह माह की तो केवल ट्रेनिंग दी जानी है. ऐसे में छह माह की अवधि में चयन कैसे संभव है.


स्पष्ट है सरकार को अपनी शिक्षा नीति में बदलाव लाना ही होगा.यह देखना ही होगा कि छात्रों काजो कि देश का भविष्य कहे जाते हैं उनका ही भविष्य खतरे में है.
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16 अक्टूबर से लगेगा तीज-त्योहारों का मेला

लखनऊ. शारदीय नवरात्र के साथ ही शहर में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो जाएगी. इसी के साथ नवंबर के अंत तक शहर तीज-त्योहार की चमक-दमक से गुलजार रहेगा. त्योहारी सीजन की आहट से कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं. दुकानदार अभी से त्योहारी सीजन की तैयारी में जुट गए हैं. बाजारों में हलचल दिखाई देने लगी है.




18-19 अक्तूबर से शहर में लगभग 80 दुर्गा पूजा कमेटियों के दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापना के साथ मां दुर्गा का आह्वान-पूजन शुरू हो जाएगा. 24 अक्तूबर को विजयादशमी पर राजधानी की सड़कों पर त्योहार की रौनक का लुत्फ उठाने वालों का रेला उमड़ेगा.


इसके  बाद धनतेरस, दीपावली, करवाचौथ, छठ और शादी-विवाह की लगनें प्रारम्भ हो जाएँगी.
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गुटखा प्रतिबन्धित अगले साल से

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सरकार ने गुटखे पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय अगले साल तक टाल दिया है. गुटखा लाबी के भारी दबाव के चलते यह प्रतिबंध अब एक अप्रैल, 2013 से लागू होगा.





 सरकार को भी यह प्रतिबंध हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लगाना पड़ा. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को सरकार को गुटखे पर प्रतिबंध लगाने के लिए चौदह दिन का समय दिया था. वह समय सीमा बुधवार को पूरी हो गई थी. वहीं केंद्र सरकार का भी लगातार दबाव सरकार पर बना हुआ था.





उ.प्र. सरकार ने हाईकोर्ट से गुटखे पर प्रतिबंध लगाने के लिए छह माह का समय मांगा है.


सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि यह समय गुटखा उद्योग से जुड़े हुए लाखों कर्मचारियों, मजदूरों और उद्यमियों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखते हुए मांगा गया है. इस छह महीने में वह कुछ और काम-धंधा तलाश सकेंगे.


ध्यातव्य है कि गुटखे पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बंधन) विनियम 2011 पारित किया गया था. प्रदेश सरकार ने इसी कानून को आधार बनाकर गुटखे पर रोक लगाने को मंजूरी दी है. गुटखे पर रोक लगने के बाद सरकार को राजस्व में लगभग 250 करोड़ का नुकसान होगा.


अभी  यह राजस्व हानि कैसे झेलेगी जबकि उत्तर प्रदेश की सरकार को अपने किये कई वादे पूरे करने के लिए पहले से ही धन की बड़ी आवश्यकता है.
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मनमोहन का प्रस्तावित पाकिस्तान दौरा टल सकता है?

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली जरदारी के द्वारा 'जम्मू व कश्मीर' प्रान्त को लेकर संयुक्त राष्ट्र में दिए वक्तव्य पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है.






जरदारी के बयान के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान यात्रा टल सकती है. मनमोहन सिंह साल 2012 के अन्त में पाकिस्तान जाने वाले थे. 



जरदारी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि जम्मू-कश्मीर संयुक्त राष्ट्र की नाकामी का नतीजा है. जरदारी ने जम्मू कश्मीर को 1947 से विवादित बताया था.



भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है.
विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने संयुक्त राष्ट्र के आम अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर के बारे में भारत की नीति हमेशा एक जैसी रही है और पूरी दुनिया इसे जानती है.
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ओडिशा में पृथ्वी-2 का सफल परीक्षण

चांदीपुर. भारत ने अपनी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाते हुए आज यहां एक परीक्षण रेंज से परमाणु संपन्न पृथ्वी-2 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया जो 350 किलोमीटर दूरी तक प्रहार कर सकती है.





 चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के तृतीय परिसर से एक मोबाइल लॉन्चर के माध्यम से सुबह करीब 9:07 बजे सतह से सतह पर प्रहार करने वाली मिसाइल का परीक्षण प्रक्षेपण किया गया.



 अत्याधुनिक पृथ्वी मिसाइल देश के प्रतिष्ठित एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम (आईजीएमपीडी) के तहत विकसित पहली बैलिस्टिक मिसाइल है और इसमें 350 किलोमीटर दूरी तक प्रहार करने के साथ 500 किलोग्राम परमाणु और परंपरागत दोनों तरह के वारहैड्स ले जाने की क्षमता है। सशस्त्र बलों में पहले ही शामिल की जा चुकी कम दूरी की इस अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण सेना की ओर से उपयोग के समय किया गया परीक्षण था और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों ने इस पर नजर रखी
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घंटीधारी ऊंट A Panchtantra Story


एक बार की बात है कि एक गांव में एक जुलाहा रहता था. वह बहुत गरीब था. उसकी शादी बचपन में ही हो गई थी. बीवी आने के बाद घर का खर्चा बढना था. यही चिन्ता उसे खाए जाती. फिर गांव में अकाल भी पडा. लोग कंगाल हो गए. जुलाहे की आय एकदम खत्म हो गई. उसके पास शहर जाने के सिवा और कोई चारा न रहा.
शहर में उसने कुछ महीने छोटे-मोटे काम किए. थोडा-सा पैसा अंटी में आ गया और गांव से खबर आने पर कि अकाल समाप्त हो गया है, वह गांव की ओर चल पडा. रास्ते में उसे एक जगह सड़क किनारे एक ऊंटनी नजर आई. ऊंटनी बीमार नजर आ रही थी और वह गर्भवती थी. उसे ऊंटनी पर दया आ गई. वह उसे अपने साथ अपने घर ले आया.


घर में ऊंटनी को ठीक चारा व घास मिलने लगी तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो गई और समय आने पर उसने एक स्वस्थ ऊंट बच्चे को जन्म दिया। ऊंट बच्चा उसके लिए बहुत भाग्यशाली साबित हुआ। कुछ दिनों बाद ही एक कलाकार गांव के जीवन पर चित्र बनाने उसी गांव में आया। पेंटिंग के ब्रुश बनाने के लिए वह जुलाहे के घर आकर ऊंट के बच्चे की दुम के बाल ले जाता। लगभग दो सप्ताह गांव में रहने के बाद चित्र बनाकर कलाकार चला गया।
इधर ऊंटनी खूब दूध देने लगी तो जुलाहा उसे बेचने लगा। एक दिन वहा कलाकार गांव लौटा और जुलाहे को काफी सारे पैसे दे गया, क्योंकि कलाकार ने उन चित्रों से बहुत पुरस्कार जीते थे और उसके चित्र अच्छी कीमतों में बिके थे। जुलाहा उस ऊंट बच्चे को अपना भाग्य का सितारा मानने लगा। कलाकार से मिली राशी के कुछ पैसों से उसने ऊंट के गले के लिए सुंदर-सी घंटी खरीदी और पहना दी। इस प्रकार जुलाहे के दिन फिर गए। वह अपनी दुल्हन को भी एक दिन गौना करके ले आया।
ऊंटों के जीवन में आने से जुलाहे के जीवन में जो सुख आया, उससे जुलाहे के दिल में इच्छा हुई कि जुलाहे का धंधा छोड क्यों न वह ऊंटों का व्यापारी ही बन जाए। उसकी पत्नी भी उससे पूरी तरह सहमत हुई। अब तक वह भी गर्भवती हो गई थी और अपने सुख के लिए ऊंटनी व ऊंट बच्चे की आभारी थी।
जुलाहे ने कुछ ऊंट खरीद लिए। उसका ऊंटों का व्यापार चल निकला।अब उस जुलाहे के पास ऊंटों की एक बडी टोली हर समय रहती। उन्हें चरने के लिए दिन को छोड दिया जाता। ऊंट बच्चा जो अब जवान हो चुका था उनके साथ घंटी बजाता जाटा।
एक दिन घंटीधारी की तरह ही के एक युवा ऊंट ने उससे कहा 'भैया! तुम हमसे दूर-दूर क्यों रहते हो?'
घंटीधारी गर्व से बोला 'वाह तुम एक साधारण ऊंट हो। मैं घंटीधारी मालिक का दुलारा हूं। मैं अपने से ओछे ऊंटों में शामिल होकर अपना मान नहीं खोना चाहता।'
उसी क्षेत्र में वन में एक शेर रहता था। शेर एक ऊंचे पत्थर पर चढकर ऊंटों को देखता रहता था। उसे एक ऊंट और ऊंटों से अलग-थलग रहता नजर आया। जब शेर किसी जानवर के झुंड पर आक्रमण करता हैं तो किसी अलग-थलग पडे को ही चुनता हैं। घंटीधारी की आवाज़ के कारण यह काम भी सरल हो गया था। बिना आंखों देखे वह घंटी की आवाज़ पर घात लगा सकता था।
दूसरे दिन जब ऊंटों का दल चरकर लौट रहा था तब घंटीधारी बाकी ऊंटों से बीस क़दम पीछे चल रहा था। शेर तो घात लगाए बैठा ही था। घंटी की आवाज़ को निशाना बनाकर वह दौडा और उसे मारकर जंगल में खींच ले गया। ऐसे घंटीधारी के अहंकार ने उसके जीवन की घंटी बजा दी।
सीखः -- जो स्वयं को ही सबसे श्रेष्ठ समझता हैं उसका अहंकार शीघ्र ही उसे ले डूबता हैं।
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क्या आप अपना ब्लॉग शुरू करने जा रहे हैं ?


दूसरों की देखा-देखी ब्लॉग मत शुरू कर लें.

यदि कर लिया है तो भी अपने-आप से यह सवाल ज़रूर पूछें " आप ब्लॉगिंग क्यों करना चाहते हैं ! "

यह बेकार का सवाल नहीं है जनाब , इस सवाल का जवाब ही आप के लेखन की दशा और दिशा तय करेगा.

बहुत ही ज़रूरी है यह.

कुछ जवाब तो आपको विकल्प के रूप में भी दे सकता हूँ --


(1) अपनी बात कहने की आजादी को महसूस करना.

(2) मनोरंजन का एक नया साधन.

(3) हिन्दी में ब्लॉगिंग कर हिन्दी की सेवा करना.

(4) पूरे विश्व से जुड़ने की इच्छा.

(5) पत्रकारिता का एक नया रूप.

(6) आय का एक स्रोत .

(7) मन की भडास और कुंठा निकालने का साधन.

इन्हें मेरे ब्लॉग के सर्वे से लिया गया है. आप यहाँ पर अपनी राय दे सकते हैं. यदि आप एक नए ब्लॉगर हैं तो आपकी इच्छा शुरूआती चार में से ही होनी चाहिये. आप एकदम हलके- फुल्के ढंग से ब्लॉग बनाएँ.

ये सोच कर बनाएँ कि ब्लॉग का एड्रेस ( पता- ******.ब्लागस्पाट.कॉम ) और उसका टाइटिल यानी आपके ब्लॉग का क्या नाम होना चाहिये.

वैसे आप बाद में नाम, पता और लेख बदल भी सकते हैं.

यदि समस्या आए तो 'अवध टाइम्स' के द्वारा ब्लॉग्स-पंडित -गुरु राजीव किस लिए हैं :)

शुरुआत में कुछ भी लिखिए अखबार से कुछ लिखें या किसी पत्रिका से कुछ लिखें या अपनी ही कोई रचना लिखें और उसे प्रकाशित (पब्लिश) करें. आप को बेहद खुशी होगी.

फ़िर अपने ब्लॉग को सजाने का काम करें, उसमें घड़ी या कैलेंडर भी लगायें.

अन्य दूसरी सजावटी वस्तुओं के लिए मेरे अन्य लेख भी पढ़ें, इससे आपका ज्ञान भी बढेगा और मज़ा भी आएगा।

" ब्लॉग क्या है " इस विषय पर टी.वी. पर भी एक चर्चा चली थी. पेश है यह रिपोर्ट -

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